रुड़की

*दिव्यांगजनों के लिए तीन दिवसीय निःशुल्क कृत्रिम अंग शिविर* 

दिव्यांगजनों के लिए तीन दिवसीय निःशुल्क कृत्रिम अंग शिविर

*भारत विकास परिषद् रुड़की की पहल, करीब 100 जरूरतमंदों को मिलेंगे कृत्रिम हाथ-पैर और सहायक उपकरण*

रुड़की। जरूरतमंद दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने में सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से भारत विकास परिषद् मुख्य शाखा रुड़की की ओर से तीन दिवसीय निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर का आयोजन 3 अक्टूबर से 5 अक्टूबर 2026 तक होटल सचिन इंटरनेशनल, ईदगाह चौक के निकट, काशीपुरी, रुड़की में किया जाएगा।

 

शिविर के दौरान करीब 100 जरूरतमंद दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुसार कृत्रिम हाथ, बाँह, पांव और टांग उपलब्ध कराने के साथ उनकी फिटिंग भी की जाएगी। इसके अलावा जरूरतमंद लाभार्थियों को व्हीलचेयर सहित विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरण भी प्रदान किए जाएंगे। वहीं पोलियो से प्रभावित बच्चों के लिए कैलिपर्स लगाने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

 

प्रकल्प संयोजक सचिन गुप्ता एवं पूजा गुप्ता ने बताया कि शिविर का उद्देश्य केवल दिव्यांगजनों को सहायता उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि उन्हें दोबारा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास करना है। उन्होंने कहा कि उचित कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण मिलने से दिव्यांगजन अपने दैनिक कार्यों को अधिक आसानी से कर सकेंगे तथा आत्मविश्वास और सम्मान के साथ जीवन जीने की दिशा में आगे बढ़ पाएंगे।

 

कार्यक्रम आयोजकों सचिन गुप्ता, पूजा गुप्ता, सतेंद्र गुप्ता एवं अनिल जैन आदि ने बताया कि शिविर का लाभ लेने के लिए लाभार्थियों को पहले पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। पंजीकरण के लिए QR कोड स्कैन कर Google Form भरना होगा। इसके साथ ही लाभार्थी को अपना आधार कार्ड, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र तथा जिस अंग के लिए कृत्रिम अंग की आवश्यकता है, उसकी फोटो WhatsApp के माध्यम से भेजनी होगी।

 

आयोजकों ने स्पष्ट किया कि शिविर में उपलब्ध कराई जाने वाली सभी सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क रहेंगी। उन्होंने लोगों को सावधान करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति शिविर के नाम पर Google Pay, UPI अथवा किसी अन्य माध्यम से पैसे की मांग करता है तो किसी भी स्थिति में भुगतान न करें।

 

बाहर से आने वाले लाभार्थियों तथा उनके साथ आने वाले व्यक्तियों के लिए भी शिविर स्थल पर निःशुल्क भोजन की व्यवस्था की गई है, ताकि दूर-दराज से आने वाले जरूरतमंदों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

 

भारत विकास परिषद् की अध्यक्ष आशा चंद्रा, सचिव निधि शांडिल्य तथा कोषाध्यक्ष एवं वित्त सचिव संजय सिंघल के नेतृत्व में इस शिविर का आयोजन किया जा रहा है। परिषद् पदाधिकारियों ने समाज के लोगों से अपील की है कि वे शिविर की जानकारी अधिक से अधिक जरूरतमंद दिव्यांगजनों और उनके परिवारों तक पहुंचाएं, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इस महत्वपूर्ण एवं निःशुल्क सुविधा से वंचित न रह जाए।

 

परिषद् की इस पहल को दिव्यांगजनों को सहायता देने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर, स्वाभिमानी और सम्मानजनक जीवन की ओर आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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