मिथुन चक्रवर्ती को फिल्म जगत का सर्वोच्च सम्मान-कुछ सवाल भी हैं?
शिब्ली रामपुरी
मिथुन चक्रवर्ती को फिल्म जगत का सर्वोच्च सम्मान देने से क्या बीजेपी को पश्चिम बंगाल में आने वाले विधानसभा चुनाव में कोई राजनीतिक फायदा मिलेगा? यह वह सवाल है जो कि दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को दादा साहब फाल्के अवार्ड की घोषणा होने के बाद से चर्चा में है.
ऐसा नहीं है कि मिथुन चक्रवर्ती एक अच्छे अभिनेता नहीं रहे हैं बल्कि यह सच्चाई है कि उन्होंने अपनी एक्टिंग के बल पर बॉलीवुड में वह मुकाम बनाया कि जो बड़े-बड़े अभिनेताओं को नसीब नहीं है एक समय ऐसा था कि जब मिथुन चक्रवर्ती हर गली मोहल्ले की एक पहचान बन गए थे.
मिथुन चक्रवर्ती ने पहली फिल्म में ही नेशनल अवार्ड हासिल कर लिया था और उसके बाद उनको दो बार और इस अवार्ड से सम्मानित किया गया इसके अलावा भी मिथुन चक्रवर्ती को समय-समय पर कुछ और अवार्ड भी मिले लेकिन अब उनको फिल्म जगत के सबसे बड़े अवार्ड दिए जाने की घोषणा हुई है तो खुशी का इज़हार भी किया जा रहा है वहीं इसको लेकर कुछ सवाल भी खड़े हो रहे हैं.
दरअसल दादा साहब फाल्के अवार्ड दिलीप कुमार.देव आनंद. आशा पारेख.वहीदा रहमान.राज कपूर.मनोज कुमार जैसे अभिनेताओं और अभिनेत्रीयों को मिल चुका है और उन्हें क्यों मिला यदि इसके बारे में बात की जाए तो उन्होंने फिल्मों में जिस स्तर का अभिनय किया वह लाजवाब है लेकिन मिथुन चक्रवर्ती की अगर हम बात करें तो उन्होंने अभिनय में नाम तो खूब कमाया लेकिन वह अभिनय में उस स्तर तक नहीं पहुंच पाए जहां तक इस अवार्ड को हासिल करने वाले दूसरे लोग रहे हैं.अब मिथुन चक्रवर्ती को ये अवार्ड दिया जा रहा है तो सोशल मीडिया पर लोग अपने-अपने तरीके से इस पर राय का इजहार कर रहे हैं मुबारकबाद दिए जाने का भी सिलसिला जारी है तो वही ऐसे लोगों की कमी नहीं है जो यह सवाल खड़े कर रहे हैं कि आखिर मिथुन दा को किस बात के लिए अवार्ड दिया जा रहा है. मिथुन चक्रवर्ती कुछ साल पहले भाजपा में शामिल हुए थे और अब उनको यह अवार्ड दिया जा रहा है तो लोग इसके राजनीतिक मतलब भी निकाल रहे हैं.





