जब अपने एक पूर्व कर्मचारी की बीमारी की खबर पाकर उससे मिलने पहुंच गए थे रतन टाटा
शिब्ली रामपुरी

मशहूर उद्योगपति रतन टाटा के जीवन के यूं तो कई ऐसे किस्से हैं जो कि हर किसी को प्रभावित करते हैं और उनसे कुछ ना कुछ सीख मिलती है लेकिन रतन टाटा अपने कर्मचारियों के साथ कितने विन्रम थे कि वो उनका हर तरह से ख्याल रखते थे इतना ही नहीं एक बार तो वह अपने एक पूर्व कर्मचारी के बीमार होने पर उससे मिलने उसके घर पहुंच गए थे. देश के मशहूर उद्योगपति रतन टाटा हमारे बीच नहीं रहे उनका 86 वर्ष की उम्र में निधन हो गया और रतन टाटा के निधन पर हर कोई शोक व्यक्त कर रहा है हर कोई उनकी सामाजिक सेवाओं को याद कर रहा है.
दरअसल रतन टाटा इतने बड़े कारोबारी होने के बाद भी बेहद विन्रम इंसान थे और वह अपने हर एक कर्मचारी का परिवार की तरह ख्याल रखते थे यही वजह है कि आज उनको बहुत याद किया जा रहा है.
राजनीतिक क्षेत्र से लेकर बॉलीवुड जगत हो या फिर कारोबारी जगत या सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग हों हर कोई रतन टाटा को याद कर रहा है क्योंकि रतन टाटा का व्यक्तित्व हमेशा से ऐसा रहा था कि जिसने सभी को प्रभावित किया. रतन टाटा को आज उनके कर्मचारी भी बेहद याद कर रहे हैं.
रतन टाटा अपने कर्मचारियों का इतना ध्यान रखते थे कि देश में कहा जाता था कि टाटा की नौकरी मतलब सरकारी नौकरी से भी ज्यादा अच्छी. रतन टाटा अपने कर्मचारियों की तनख्वाह से लेकर उनके हेल्थ और उनके परिवार तक के लिए खासा ध्यान देते थे. एक बार रतन टाटा अपने एक पूर्व कर्मचारी से मिलने उसके घर पहुंच गए थे. 2021 में रतन टाटा को पता चला कि उनका एक पूर्व कर्मचारी दो सालों से बीमार है. यह सुनकर वो उससे मिलने के लिए मुंबई से पुणे पहुंच गए थे. रतन टाटा इन सब बातों की कभी चर्चा नहीं करते थे. न ही उनकी कंपनी की तरफ से इस तरह की बातें बताईं जाती थीं. रतन टाटा हमेशा अपनी दरियादिली और ईमानदाराना बर्ताव के लिए याद किए जाएंगे.


