रुड़की

रुड़की राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान में हिन्दी पखवाड़ा -2026 की श्रृंखला में काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन*

रुड़की राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान में हिन्दी पखवाड़ा -2026 की श्रृंखला में काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन

 

 

 

 

रुड़की (आरिफ नियाज़ी) राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान में हिन्दी पखवाड़ा -2026 की श्रृंखला में काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन डॉ. संतोष मुरलीधर पिंगले, डॉ. अश्वनी रानाडे, एवं श्रीमती हंसी पर्यवेक्षक के संयोजन में किया गया। इस अवसर पर निर्णायक मंडल के सदस्य उत्तराखंड भाषा संस्थान के पूर्व उपाध्यक्ष अन्तर्राष्ट्रीय शायर अफजल मंगलौरी ने कहा कि कवि एवं कविता कभी नहीं मरते है, वह हर युग में जीवित ही नहीं रहती बल्कि अपने सार्थक संदेशों को समाज तक पहुंचाते हैं , जिसका उदाहरण हमारे समक्ष तुलसी, कबीर, निराला, दिनकर व ग़ालिब आदि कवि हैं। अफजल मंगलौरी ने रचना पाठ के दौरान हिन्दी महिमा इस प्रकार से प्रस्तुत की – अज्ञान जो मिटा दे वही ज्ञान है हिन्दी, भारत ही नहीं विश्व का सम्मान है हिन्दी , “व्यवहार में देखोगे तो जीवन की कला है-प्रयोग में लाओगे तो विज्ञान है हिन्दी”। निर्णायक मंडल के वरिष्ठ सदस्य नरेश मोहन ने कहा कि कविता को कभी भी सीमाओं व बंधनों के साथ मूल्यांकित नहीं किया जा सकता हर कवि अपने आप में श्रेष्ठ होता है। श्री पंकज त्यागी असीम ने कहा कि कविता या शायरी धर्म, जाति तथा वर्ग से अलग हटकर आपसी सद्भाव एवं प्रेम का संदेश देती है। इसके पूर्व राजभाषा प्रभारी सोबन सिंह रावत ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती अश्वनी रानाडे द्वारा किया गया। डॉ. संतोष मुरलीधर पिंगले ने धन्यवाद ज्ञापन किया। काव्य पाठ में राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान के वैज्ञानिकों, कर्मचारियों एवं प्रोजेक्ट स्टाफ, रिसोर्स परसन ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। सभी कवियों ने अपनी रचनाओं को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता को स्वरचित एवं पररचित दो ग्रुप में विभाजित किया गया। प्रतिभागियों में प्रमुख से उमेश कुमार सिंह, हर्ष उपाध्याय, डा. विनय कुमार त्यागी, दिलीप त्रिपाठी, दीपक सिंह बिष्ट, मीनाक्षी रमोला, चारू पाण्डेय, आसिफ मलिक, इफ्तखारूल हसन, डॉ. राजेश सिंह, प्रदीप सिंह पंवार, शक्ति सूर्यवंशी, व पदम शर्मा के नाम शामिल हैं। इस अवसर पर डा. पी.सी.नायक, अध्यक्ष हिन्दी पखवाड़ा-2026, राजभाषा प्रभारी सोबन सिंह रावत, सपना मीना, पवन कुमार, हंसराज, विपिन जोशी सहित काफी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे। समस्त प्रतिभागियों को संस्थान निदेशक डॉ. सत्यजीत राव ने बधाई प्रदान की।

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