कैंपेन कितना भी चला लो, मैं नहीं ‘झुकूंगा’: हरदा
एआई से चल रहे कथित प्रचार अभियान पर पूर्व सीएम हरीश रावत का भाजपा पर निशाना
देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने खिलाफ सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे कथित प्रचार अभियान को लेकर भाजपा पर तीखा निशाना साधा है। रावत का आरोप है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल कर उनके खिलाफ तरह-तरह की पोस्ट और सामग्री सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ अभियान कितना भी चलाया जाए, वह किसी दबाव में झुकने वाले नहीं हैं।
हरीश रावत ने कहा कि इन दिनों भाजपा से जुड़े लोग उनके खिलाफ एआई का खूब इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का आना भाजपा के लिए एक ‘सौगात’ बन गया है और इसी तकनीक का इस्तेमाल उनके खिलाफ प्रचार में किया जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री के मुताबिक, सोशल मीडिया पर आए दिन कुछ पोस्ट और कथित पेजों के माध्यम से उनके बारे में ऐसी सामग्री सामने लाई जा रही है, जिसका उद्देश्य उनकी छवि को प्रभावित करना है। उन्होंने कुछ सोशल मीडिया पेजों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि इन माध्यमों से उनके खिलाफ लगातार प्रचार किया जा रहा है।
रावत ने कहा कि वह इस तरह के कथित अभियान से न तो दबाव में आने वाले हैं और न ही अपनी राजनीतिक गतिविधियों से पीछे हटेंगे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कैंपेन कितना भी चला लिया जाए, वह झुकेंगे नहीं।
एक तरफ कहते हैं राजनीति खत्म, दूसरी तरफ पीछे पड़े हैं
हरीश रावत ने भाजपा पर राजनीतिक तंज कसते हुए कहा कि एक ओर भाजपा से जुड़े कुछ अखबारी मित्र और उनके कुछ शुभचिंतक यह दावा करते हैं कि हरीश रावत की राजनीति खत्म हो गई है, जबकि दूसरी ओर उनके खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि वह राजनीतिक रूप से इतने ही अप्रासंगिक हो गए हैं तो फिर उनके खिलाफ इस तरह का कथित प्रचार अभियान चलाने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है। रावत के इस बयान को भाजपा पर सीधा राजनीतिक कटाक्ष माना जा रहा है।
कानूनी कार्रवाई और थाने में धरने के दिए संकेत
पूर्व मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि देहरादून लौटने के बाद वह इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कड़ा कदम उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए कानूनी रास्ता अपनाया जा सकता है।
रावत ने यहां तक संकेत दिया कि जरूरत पड़ी तो वह थाने में धरना देने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि अब वह खुलकर यह सवाल उठाएंगे कि आखिर उनके खिलाफ कथित अभियान किसकी मदद से चलाया जा रहा है और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर एआई के माध्यम से तैयार या प्रसारित की जा रही सामग्री की वास्तविकता और उसके पीछे की भूमिका को सामने लाना जरूरी है। हालांकि, इस संबंध में लगाए गए आरोपों पर भाजपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया इस वक्त सामने नहीं आई है।
पूर्व मुख्यमंत्री के बयान के बाद उत्तराखंड की राजनीति में सोशल मीडिया प्रचार और एआई के इस्तेमाल को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा होने के संकेत हैं। अब देखना होगा कि देहरादून लौटने के बाद हरीश रावत इस मामले में वास्तव में क्या कानूनी कदम उठाते हैं।




