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किसानों की मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने सरकार को भेजा ज्ञापन

किसानों की मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने सरकार को भेजा ज्ञापन
देहरादून। भारतीय किसान यूनियन (डब्ल्यूएफ फाउंडेशन) ने किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर जिलाधिकारी देहरादून के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को सात सूत्रीय मांग पत्र भेजा है। संगठन ने किसानों के हित में तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी लाल सिंह गुर्जर की ओर से भेजे गए मांग पत्र में चीन से बढ़ते आयात और महंगाई को देखते हुए आने वाले पेराई सत्र में गन्ने का भाव कम से कम 600 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग की गई है।
भाकियू ने लघु एवं सीमांत किसानों का कर्ज माफ करने की मांग करते हुए कहा कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में किसान कर्ज चुकाने की स्थिति में नहीं हैं। संगठन ने कहा कि जब उद्योगपतियों का कर्ज माफ किया जा सकता है तो किसानों के कर्ज पर भी सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
मांग पत्र में किसानों के वाहनों पर टोल टैक्स नहीं लगाने की मांग भी की गई है। संगठन का कहना है कि यदि सरकार सड़क निर्माण के लिए किसानों की जमीन का उपयोग कर रही है तो किसानों को टोल से राहत मिलनी चाहिए।
किसान यूनियन ने टोल प्लाजा की संख्या और उनकी समय-सीमा तय करने की मांग करते हुए कहा कि समय सीमा पूरी होने के बाद टोल प्लाजा बंद किए जाने चाहिए। संगठन ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर समय सीमा समाप्त होने के बावजूद टोल वसूली जारी है, जिसका बोझ आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है।
मांग पत्र में 26 जनवरी से 15 अगस्त तक किसानों और किसान संगठनों की तिरंगा यात्रा पर रोक नहीं लगाने की मांग भी की गई है। संगठन ने कहा कि किसानों के ट्रैक्टर भी उनके वाहनों का हिस्सा हैं और तिरंगा यात्रा के दौरान ट्रैक्टरों को रोकना उचित नहीं है।
इसके अलावा संगठन ने सड़क निर्माण के दौरान पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखने, सड़क किनारे अधिक से अधिक पेड़ लगाने तथा एथेनॉल पर आम नागरिकों पर जबरन कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाने की मांग की है। यूनियन ने कहा कि किसानों और आम जनता से जुड़े इन मुद्दों पर सरकार को शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
मांग पत्र में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुनाथ सुखदेव सिंह, राष्ट्रीय संगठन मंत्री राजकुमार शर्मा समेत संगठन के पदाधिकारियों के हस्ताक्षर भी किए गए हैं।

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