देहरादून

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद ध्वस्तीकरण मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग* 

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद ध्वस्तीकरण मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग

*जमीयत उलेमा-ए-हिंद जिला देहरादून ने राष्ट्रपति को भेजा       ज्ञापन, उसी स्थान पर मस्जिद पुनर्निर्माण की मांग*

देहरादून। सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित पुरानी मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस मामले में जमीयत उलेमा-ए-हिंद, जिला देहरादून की ओर से राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी देहरादून के माध्यम से भेजा गया है। ज्ञापन में पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा मस्जिद का उसी स्थान पर पुनर्निर्माण कराने की मांग की गई है।

ज्ञापन में कहा गया है कि सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित लगभग 110 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक मस्जिद को स्थानीय प्रशासन द्वारा ध्वस्त किए जाने की कार्रवाई की गई। जमीयत ने इस कार्रवाई को एकतरफा और मनमाना बताते हुए आरोप लगाया है कि ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया में प्राकृतिक न्याय के मूल सिद्धांतों और कानूनी प्रक्रियाओं की अनदेखी की गई।

स्वतंत्र जांच एजेंसी या सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच की मांग

ज्ञापन में मांग की गई है कि पूरे मामले की तत्काल किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी अथवा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि ध्वस्तीकरण की परिस्थितियों और निर्णय प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो सके।

जमीयत की ओर से यह भी कहा गया है कि प्रभावित पक्ष को अपना पक्ष रखने के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल सका। ज्ञापन में इस बात पर चिंता जताई गई है कि प्रशासनिक कार्रवाई इतनी जल्दबाजी में की गई कि संबंधित पक्ष को कानूनी रूप से अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं मिला।

 

ज्ञापन में उन प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की मांग की गई है, जो कथित तौर पर बिना न्यायिक प्रक्रिया का पालन किए ध्वस्तीकरण के आदेश देने और कार्रवाई में शामिल रहे।

जमीयत ने कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी की भूमिका या लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

 

ज्ञापन में सरकार से यह भी मांग की गई है कि प्रभावित पक्ष के साथ हुए कथित अन्याय की भरपाई के लिए उसी स्थान पर मस्जिद का तत्काल पुनर्निर्माण कराया जाए।

जमीयत उलेमा-ए-हिंद जिला देहरादून ने राष्ट्रपति से संविधान और कानून के शासन की रक्षा के लिए इस मामले का तत्काल संज्ञान लेकर पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने की अपील की है।

ज्ञापन पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद जिला देहरादून के पदाधिकारियों एवं अन्य लोगों के हस्ताक्षर दर्ज हैं। ज्ञापन में जिलाध्यक्ष मौलाना अब्दुल मन्नान, कोषाध्यक्ष मास्टर अब्दुल सत्तार, नगराध्यक्ष मुफ्ती अयाज जामई, उपाध्यक्ष नगर मौलाना रागिब मजाहिरी, तौसीफ खान, मौलाना अब्दुल खालिद कारी तथा मोहम्मद मरगूब सहित अन्य पदाधिकारियों के नाम शामिल हैं।

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