देहरादून में एआईएमआईएम ने फहराया सियासी परचम
जिला दफ़्तर का शानदार इफ्तिताह; विधानसभा चुनाव पूरे दमख़म से लड़ने का ऐलान
*जिला दफ़्तर का शानदार इफ्तिताह; विधानसभा चुनाव पूरे दमख़म से लड़ने का ऐलान*ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने उत्तराखंड की सियासत में अपनी सरगर्मियों को तेज़ करते हुए रविवार को देहरादून में अपने ज़िला दफ़्तर का शानदार इफ्तिताह (उद्घाटन) किया। मुस्कान होटल के क़रीब क़ायम किए गए नए ज़िला कार्यालय का उद्घाटन पार्टी के प्रदेश सदर डॉ. नैयर काज़मी ने किया। इस मौक़े पर बड़ी तादाद में पार्टी ओहदेदारों, कार्यकर्ताओं और हिमायतियों की मौजूदगी ने प्रोग्राम को पुरजोश बना दिया।
इफ्तिताही तक़रीब के दौरान पूरे इलाक़े में “मजलिस ज़िंदाबाद”, “एआईएमआईएम ज़िंदाबाद”, “असदुद्दीन ओवैसी ज़िंदाबाद” और “डॉ. नैयर काज़मी ज़िंदाबाद” के नारों से फ़िज़ा गूंज उठी। कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं और गर्मजोशी के साथ प्रदेश सदर का इस्तक़बाल किया। नौजवानों और पार्टी कार्यकर्ताओं का जोश-ओ-ख़रोश देखने लायक था।
इस मौक़े पर मीडिया से गुफ़्तगू करते हुए प्रदेश सदर डॉ. नैयर काज़मी ने कहा कि एआईएमआईएम उत्तराखंड में अपनी तंजीम को मज़बूत करने के लिए लगातार काम कर रही है और आने वाले विधानसभा चुनाव पूरे एतमाद और पूरी तैयारी के साथ लड़ेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी जल्द ही कई विधानसभा हल्क़ों में अपनी मौजूदगी और मज़बूत करेगी तथा मज़बूत और क़ाबिल उम्मीदवार मैदान में उतारेगी।
डॉ. काज़मी ने इस तास्सुर को सिरे से ख़ारिज किया कि एआईएमआईएम सिर्फ़ मुसलमानों की पार्टी है। उन्होंने कहा कि यह इल्ज़ाम हक़ीक़त से बिल्कुल दूर और बेबुनियाद है। उनके मुताबिक़ मजलिस का मक़सद हर मज़लूम, महरूम और पिछड़े तबक़े की आवाज़ बनना है, चाहे उसका मज़हब या बिरादरी कोई भी हो।
उन्होंने अपनी बात की ताईद में हालिया हरिद्वार ज़िला पंचायत चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी ने तीन उम्मीदवार मैदान में उतारे थे, जिनमें से दो उम्मीदवार फ़तह हासिल करने में कामयाब रहे। उन्होंने दावा किया कि ये दोनों विजेता मुस्लिम नहीं हैं, जिससे साफ़ ज़ाहिर होता है कि मजलिस किसी एक समुदाय की नहीं बल्कि हर तबक़े को साथ लेकर चलने वाली सियासी जमात है।
प्रदेश सदर ने कहा कि पार्टी का एजेंडा इंसाफ़, तरक़्क़ी, बेहतर तालीम, रोज़गार, नौजवानों के मुस्तक़बिल और समाज के हर तबक़े को बराबरी का हक़ दिलाने पर मबनी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक तंजीम को मज़बूत करने और अवाम के दरमियान जाकर पार्टी की सोच और पैग़ाम पहुंचाने की अपील की।
तक़रीब के आख़िर में कार्यकर्ताओं ने आगामी विधानसभा चुनाव में मजलिस को मज़बूती से मैदान में उतारने का अहद दोहराया और पार्टी क़ियादत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने का यक़ीन दिलाया। पार्टी नेताओं का कहना था कि उत्तराखंड में एआईएमआईएम अब एक मज़बूत सियासी विकल्प के तौर पर अपनी पहचान बनाने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही है।




