लेख

 पाकिस्तान को कड़ा जवाब देने को कार्यवाही जारी है!

 पाकिस्तान को कड़ा जवाब देने को कार्यवाही जारी है!

डॉ श्रीगोपाल नारसन एडवोकेट
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुआ चरमपंथी हमला सन 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर में हाल ही में हुआ सबसे घातक हमला माना जा रहा है, जिसमें 28 भारतीय पर्यटक मारे गए है।मारे जाने वाले लोगों में कोई सैनिक या अधिकारी नहीं थे, बल्कि भारत की सबसे ख़ूबसूरत घाटी में घूमने आए वे पर्यटक थे,जो यहां अपनी खुशी ढूंढने आए थे,लेकिन बदले में उन्हें मौत मिल गई।पूरे कश्मीर पर भारत और पाकिस्तान दोनों दावा करते हैं, जम्मू कश्मीर के अलग-अलग हिस्से पर दोनों का शासन भी है,लेकिन तनाव फिर भी कभी खत्म नही हुआ और धरती का स्वर्ग कहा जाने वाला कश्मीर हिंसा की धरती बनकर रह गया है।इस आतंकी हमले के बाद भारत ने कई जवाबी क़दम उठाए हैं, जिनमें मुख्य रूप से बॉर्डर क्रासिंग अटारी को बंद करना, पाकिस्तान के साथ महत्वपूर्ण सिंधु जल संधि को निलंबित करना और पाकिस्तानी राजनयिकों को देश से निकालना शामिल है।
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उक्त हमले पर  ‘कड़ी कार्रवाई’ करने की बात कही है और वादा किया है कि सिर्फ़ हमलावरों पर ही नहीं, बल्कि भारतीय धरती पर इस ‘नापाक हरकत’ के पीछे के साजिश रचताओ  पर भी कार्रवाई होगी।जिससे देश को उम्मीद बंधी है कि “हमें जल्दी ही कड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है, जो भारतीय जनता को राहत और पाकिस्तान के लोगों के लिए कड़ा संदेश होगी।
सितंबर 2016 में जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास हुए घातक हमले में 19 भारतीय सैनिकों की मौत हुई थी,
इसके बाद भारत ने नियंत्रण रेखा के पार ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की थी और दावा किया था कि पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में मौजूद चरमपंथियों के ठिकाने को निशाना बनाया गया।लेकिन शायद दुश्मन का फन उस समय पूरी तरह से नही कुचला गया तभी तो
सन 2019 में ही पुलवामा में हमला हो गया, जिसमें अर्द्धसैनिक बलों के 40 जवानों की मौत हो गई थी। इसके बाद भारत ने बालाकोट में कथित चरमपंथी कैंपों पर हवाई हमले किए थे।जिसे सन 1971 के बाद  पहली बार भारत ने पाकिस्तान के अंदर तक हमला किया था।पाकिस्तान ने जंगी विमानों से इसका जवाब दिया और लड़ाकू विमानों के बीच संघर्ष में एक भारतीय पायलट को बंदी बना लिया था।
इसमें दोनों तरफ़ से शक्ति प्रदर्शन किया गया, लेकिन पूर्ण युद्ध को टाल दिया गया।अब वर्तमान में भारत और पाकिस्तान के बीच पहलगाम हमले के बाद तनाव बढ़ गया है। इस बीच भारतीय वायुसेना ने युद्धाभ्यास किया है।पहलगाम आतंकी हमले को लेकर सेना का एक्शन जारी है।हमले में आतंकी आसिफ शेख का नाम आया था,आतंकी आसिफ शेख का घर ब्लास्ट में उड़ा दिया गया।जम्मू कश्मीर के पहलगाम में फिलहाल सन्नाटा पसरा हुआ है।  पहलगाम आतंकी हमले के बाद बॉर्डर पर तनाव बढ़ने के बाद अब सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी जल्द ही श्रीनगर और उधमपुर के लिए रवाना होंगे। वे कश्मीर घाटी में तैनात वरिष्ठ सेना कमांडरों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।जनरल उपेंद्र द्विवेदी घाटी में चल रही सुरक्षा स्थिति और नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान सेना द्वारा युद्धविराम उल्लंघन की कोशिशों की समीक्षा भी करेंगे।पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा  के पास कुछ जगहों पर गोलीबारी की है। भारतीय सेना ने इसका करारा जवाब भी दिया है। इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।जम्मू कश्मीर के बांदीपोरा में आतंकियों के होने की खबर के चलते अजास के बाजीपोरा के जंगलों में सर्च ऑपरेशन चल रहा है। सर्च ऑपरेशन के दौरान गोलीबारी की आवाज सुनाई दी है। इस क्षेत्र में 1-2 आतंकवादियों के मौजूद होने की सूचना थी, जिनके अब भारतीय सेना के चंगुल में फंसने की संभावना है।अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा, “जैसा कि राष्ट्रपति ट्रम्प और सचिव रुबियो ने स्पष्ट किया है, संयुक्त राज्य अमेरिका भारत के साथ खड़ा है।अमेरिका आतंकवाद के सभी कृत्यों की कड़ी निंदा करता है। हम मारे गए लोगों के लिए और घायलों के ठीक होने की प्रार्थना करते हैं और इस जघन्य कृत्य के अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने का आह्वान करते हैं।”भारत ने पाकिस्तान को चिट्ठी लिखकर सिंधु जल संधि स्थगित करने की जानकारी दी है। इसमें भारत ने कहा, “समय के साथ जनसंख्या बदली है।जनसंख्या में बदलाव के साथ संधि में बदलाव जरूरी है।किसी संधि के लिए अच्छे रिश्ते जरूरी हैं। पाकिस्तान सीमा पार से आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है।पुलिस ने 13 आरआर और 3 बटालियन सीआरपीएफ के संयुक्त कर्रवाई करते हुए आतंकियों के तीन सहयोगियों को पकड़ा है। वे भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सुरक्षाबलों ने उन्हें हथियार व बारूद के साथ पकड़ लिया है।वही देश मे हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने सरकार से पूछा कि मदद प्रदान करने में इतना समय क्यों लगा? इस पर सरकार ने कहा कि 45 मिनट पैदल चलना पड़ता है, वहां पहुंचने में समय लगता है, कोई भी व्यवस्था नहीं थी।सर्वदलीय बैठक में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, सब कुछ सही है, फिर हम यहां क्यों बैठे हैं? जाहिर है कुछ गलत हुआ है. हम विपक्ष को सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों के बारे में बताना चाहते है और आश्वासन देना चाहते हैं।विपक्षी दलों ने सुरक्षा चूक लेकर सवाल किया. सुरक्षा बल कहां थे? सीआरपीएफ कहां थी? जिस पर सरकार ने जवाब दिया कि स्थानीय अधिकारियों ने क्षेत्रों को खोलने से पहले सूचित नहीं किया, जबकि किया जाना चाहिए था, स्थानीय पुलिस को भी सूचित नहीं किया गया। यह आमतौर पर अमरनाथ यात्रा के दौरान जून में खुलता है, लेकिन स्थानीय टूर ऑपरेटरों ने इसे खोल दिया।सर्वदलीय बैठक के बाद राहुल गांधी ने कहा कि कश्मीर में शांति जरूरी है। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले पर सरकार के साथ खड़े होने की बात कही है।पाकिस्तान ने अपने फाइटर जेट को बलूचिस्तान से भारतीय सीमा पर तैनात किया तो भारतीय वायुसेना ने अपनी ताकत दिखाई. वायुसेना की सेंट्रल कमान (प्रयागराज हेडक्वार्टर) ने आक्रमण युद्धाभ्यास किया। युद्धाभ्यास में मिराज और सुखोई के अलावा राफेल फाइटर जेट ने हिस्सा लिया है।जो दुश्मन देश को कड़ा जवाब देने की कार्यवाही मानी जा रही है।(लेखक ज्वलंत मुद्दों के टिप्पणीकार व वरिष्ठ साहित्यकार है)

LEAVE A RESPONSE

Your email address will not be published. Required fields are marked *