उत्तराखंड

मंगलौर में दशहरे के जुलूस का आमिर अंसारी और मोंटी ने किया भव्य स्वागत

मंगलौर में दशहरे के जुलूस का आमिर अंसारी और मोंटी ने किया भव्य स्वागत

 

हनुमान चौक पर हिंदू-मुस्लिम एकता की दिखी मिसाल

 

 

 

मंगलौर। विजयदशमी के पावन पर्व पर मंगलौर के हनुमान चौक पर हिंदू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत मिसाल देखने को मिली। पूर्व विधायक स्वर्गीय हाजी सरवत करीम अंसारी के पुत्र आमिर अंसारी और उबेदुर रहमान उर्फ मोंटी ने अपने समर्थकों के साथ दशहरे के भव्य जुलूस का फूल-मालाओं से स्वागत किया। इस दौरान रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों, सदस्यों और झांकियों में शामिल कलाकारों का गर्मजोशी से अभिनंदन किया गया।

 

हर वर्ष की भांति इस बार भी विजयदशमी के अवसर पर दशहरा एवं रामलीला कमेटी की ओर से नगर में भव्य जुलूस निकाला गया। नगर के मुख्य बाजारों से होता हुआ जुलूस जब हनुमान चौक पहुंचा, तो वहां पहले से मौजूद आमिर अंसारी और उबेदुर रहमान उर्फ मोंटी ने अपनी टीम के साथ जुलूस का स्वागत किया। दोनों भाइयों ने झांकियों में शामिल कलाकारों और रामलीला कमेटी के सदस्यों को फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया।

जुलूस के स्वागत के बाद हनुमान चौक पर सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें आमिर अंसारी और मोंटी ने दशहरा एवं रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों और सदस्यों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इसके साथ ही त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में जुटे चौकी प्रभारी नितिन बिष्ट और अन्य पुलिसकर्मियों का भी सम्मान किया गया।

 

पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने के माध्यम से दोनों भाइयों ने सामाजिक सौहार्द के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की भूमिका के प्रति सम्मान भी व्यक्त किया। कार्यक्रम में दोनों समुदायों के लोगों की मौजूदगी ने आपसी भाईचारे का संदेश दिया।

इस अवसर पर आमिर अंसारी ने कहा कि मंगलौर की पहचान उसकी गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारा है। उनके पिता स्वर्गीय हाजी सरवत करीम अंसारी ने हमेशा यही शिक्षा दी कि त्योहार किसी एक धर्म या समुदाय तक सीमित नहीं होते, बल्कि सभी के होते हैं।

 

उन्होंने कहा, “दशहरा असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है। हम सभी को मिल-जुलकर त्योहार मनाने चाहिए। हनुमान चौक पर आज जो आपसी एकता देखने को मिली है, वही मंगलौर की असली पहचान और ताकत है।”

 

वहीं, उबेदुर रहमान उर्फ मोंटी ने कहा कि उनके पिता के समय से ही सभी धर्मों के त्योहारों में शामिल होने और उनका सम्मान करने की परंपरा रही है। हाजी सरवत करीम अंसारी सभी धर्मों के त्योहारों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। दोनों भाई भी उनके दिखाए रास्ते पर चलते हुए इस परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

 

मोंटी ने कहा कि मंगलौर में आपसी भाईचारे और सद्भाव की परंपरा रही है और वे भविष्य में भी इसे कायम रखने का प्रयास करते रहेंगे।

सम्मान समारोह के बाद आमिर अंसारी और मोंटी ने वहां मौजूद लोगों के बीच हलवा वितरित किया और सभी को दशहरे की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस दौरान बड़ी संख्या में दोनों समुदायों के लोग मौजूद रहे।

 

दशहरा एवं रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा कि अंसारी परिवार हर वर्ष इसी तरह आत्मीयता के साथ जुलूस का स्वागत करता है। उनके अनुसार, यह परंपरा आपसी सम्मान और भाईचारे को मजबूत करने का संदेश देती है।

 

मंगलौर के हनुमान चौक पर आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि त्योहारों की खुशियां साझा करने, एक-दूसरे की परंपराओं का सम्मान करने और मिल-जुलकर रहने से सामाजिक सद्भाव को मजबूती मिलती है।

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