*नफरत के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का ऐलान* *उत्तराखंड इंसानियत मंच और महिला मंच ने खोला मोर्चा* *महिलाओं का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं: निर्मला बिष्ट*
नफरत के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का ऐलान
उत्तराखंड इंसानियत मंच और महिला मंच ने खोला मोर्चा
*महिलाओं का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं: निर्मला बिष्ट*
देहरादून। साम्प्रदायिक नफरत और महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियों के विरोध में उत्तराखंड इंसानियत मंच और उत्तराखंड महिला मंच ने निर्णायक लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है। शुक्रवार को दोनों संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने कारगी ग्रांट पहुंचकर मुस्लिम समुदाय के लोगों से मुलाकात की और पूरे मामले की जानकारी ली। बैठक में निर्णय लिया गया कि सोमवार को प्रतिनिधिमंडल देहरादून के एसएसपी से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करेगा।
बैठक के दौरान स्थानीय लोगों ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि पिछले दिनों कुछ लोगों की ओर से क्षेत्र का साम्प्रदायिक माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, इसी दौरान ललित शर्मा नामक व्यक्ति की ओर से जारी किए गए एक वीडियो में महिलाओं के खिलाफ कथित तौर पर बेहद आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणियां की गईं।
स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति से व्यक्तिगत नाराजगी थी तो उसका विरोध पूरे समुदाय को निशाना बनाकर नहीं किया जाना चाहिए था। उनका आरोप है कि विरोध के दौरान स्थानीय लोगों ने केवल नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया, लेकिन बाद में उनके खिलाफ पथराव और महिलाओं से अभद्रता के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया।
स्थानीय लोगों ने इन आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि घटना से संबंधित उपलब्ध वीडियो में कथित तौर पर उन्हें न तो पथराव करते हुए और न ही महिलाओं के साथ अभद्रता करते हुए देखा जा सकता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने कारगी ग्रांट में मो. जिया उल अहमद, सरवर, तनवीर, इमरान राणा, शाह नजर, तौसीफ खान और दानिश समेत अन्य स्थानीय लोगों से मुलाकात की। बैठक में तय किया गया कि सोमवार को एसएसपी से मिलकर पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल में प्रो. एन. राघवेन्द्र, कमला पंत, विमला कोली, निर्मला बिष्ट, हरिओम पाली, परमेन्द्र सिंह कक्कड़ और त्रिलोचन भट्ट शामिल रहे।
बैठक में स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जमीन से जुड़े कारोबार और विवादों को छिपाने के लिए पूरे मामले को हिन्दू-मुस्लिम विवाद का रंग दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग भी ललित शर्मा के संपर्क में हैं और जमीन से जुड़े विवादों के चलते साम्प्रदायिक माहौल बनाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ललित शर्मा की ओर से लगातार मुस्लिम समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही हैं, लेकिन अभी तक उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्षता के साथ जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
उत्तराखंड महिला मंच की निर्मला बिष्ट ने कहा कि महिलाओं का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की ओर से लगातार विवादित बयान दिए जा रहे हैं तो पुलिस प्रशासन को मामले को गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने ऐसे मामलों में जिलाबदर जैसी कार्रवाई पर भी विचार किए जाने की बात कही।
वहीं, कमला पंत ने आरोप लगाया कि ललित शर्मा की ओर से महिलाओं और उनके गर्भ में पल रहे बच्चों को लेकर भी बेहद घृणित टिप्पणियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाती है और पुलिस को ऐसे मामलों में निष्पक्ष एवं सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
दोनों संगठनों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी समुदाय को निशाना बनाना नहीं, बल्कि साम्प्रदायिक नफरत और महिलाओं के अपमान के खिलाफ आवाज उठाना है। सोमवार को एसएसपी से मुलाकात के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।



