राष्ट्रीय

ऑल इंडिया नेशनल मॉनिटरिंग कमेटी में शामिल हुए शादाब आलम

देशभर की 51 प्रमुख हस्तियों के साथ मिली जिम्मेदारी, हाईकोर्ट मामलों, फैक्ट फाइंडिंग और हेट क्राइम ट्रैकिंग के क्षेत्र में कर रहे हैं कार्य

हल्द्वानी। देशभर में सामाजिक एवं मानवाधिकार से जुड़े मुद्दों की निगरानी और उनसे संबंधित तथ्यों को सामने लाने के उद्देश्य से गठित ऑल इंडिया नेशनल मॉनिटरिंग कमेटी में हल्द्वानी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता एवं एक्टिविस्ट शादाब आलम को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। कमेटी में देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े पूर्व मुख्यमंत्रियों, सांसदों, पूर्व केंद्रीय मंत्रियों, आयोगों के सदस्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, अधिवक्ताओं, शिक्षाविदों और प्रमुख एक्टिविस्टों को शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि कमेटी में कुल 51 प्रमुख हस्तियों को शामिल किया गया है। कमेटी का उद्देश्य देश में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ कथित उत्पीड़न, हिंसा, भेदभाव और हेट क्राइम से जुड़े मामलों की निगरानी करना तथा ऐसे मामलों से संबंधित तथ्यों, दस्तावेजों और फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट को सामने लाना है। जानकारी के अनुसार शादाब आलम को कमेटी के सचिवालय में शामिल किया गया है। उन्हें यह जिम्मेदारी ऐसे समय में मिली है, जब वह लंबे समय से विभिन्न सामाजिक एवं कानूनी मामलों को लेकर सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। विशेष रूप से हाईकोर्ट से जुड़े मामलों, फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट तैयार करने तथा हेट क्राइम से संबंधित मामलों की ट्रैकिंग के क्षेत्र में उनके कार्य का उल्लेख किया गया है। कमेटी से जुड़े लोगों का कहना है कि विभिन्न घटनाओं से संबंधित तथ्यों को व्यवस्थित रूप से एकत्र करना, मामलों की निगरानी करना और संबंधित रिपोर्ट को सामने लाना कमेटी के प्रमुख कार्यों में शामिल रहेगा। इसके माध्यम से ऐसे मामलों पर तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। ऑल इंडिया नेशनल मॉनिटरिंग कमेटी में देश के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय कई प्रमुख लोगों को शामिल किए जाने की जानकारी दी गई है। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद, नदीम खान, सांसद इकरा हसन, सांसद जियाउर्रहमान बर्क, इमरान मसूद, मोहम्मद अदीब, पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग, शिया स्कॉलर कल्बे जवाद नकवी, प्रोफेसर मोहम्मद अली महमूदाबाद, अबू आजमी, मौलाना उबैदुल्लाह आजमी और आगा रूहुल्लाह मेहदी समेत अन्य प्रमुख नाम बताए गए हैं। कमेटी में अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े लोगों की मौजूदगी को इसके व्यापक स्वरूप के रूप में देखा जा रहा है। कमेटी के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों में सामने आने वाले मामलों की जानकारी जुटाने और उनकी निगरानी करने की दिशा में काम किए जाने की बात कही गई है। कमेटी के उद्देश्य के संबंध में बताया गया है कि किसी भी घटना से संबंधित तथ्यों को सामने लाने, उपलब्ध दस्तावेजों का अध्ययन करने और फैक्ट फाइंडिंग के माध्यम से वास्तविक स्थिति को समझने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके अलावा हेट क्राइम से जुड़े मामलों की निगरानी और उनकी प्रगति पर नजर रखने का भी प्रयास किया जाएगा। शादाब आलम की इस नई जिम्मेदारी को हल्द्वानी के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। सामाजिक मुद्दों और कानूनी मामलों से जुड़े उनके पूर्व अनुभव को देखते हुए कमेटी के सचिवालय में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शादाब आलम लंबे समय से विभिन्न सामाजिक और कानूनी मुद्दों को लेकर सक्रिय रहे हैं। उनके द्वारा हाईकोर्ट से जुड़े मामलों की जानकारी जुटाने के साथ-साथ फैक्ट फाइंडिंग और हेट क्राइम ट्रैकिंग के क्षेत्र में भी कार्य किए जाने की जानकारी दी गई है। अब राष्ट्रीय स्तर पर गठित इस कमेटी में जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके कार्यक्षेत्र का विस्तार होने की उम्मीद है। कमेटी के माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों में सामने आने वाले मामलों की जानकारी एकत्र कर उन्हें व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करने और संबंधित तथ्यों को सार्वजनिक विमर्श में लाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। गोल्डन टाइम्स के लिए यह खबर विशेष रूप से इस बात को रेखांकित करती है कि हल्द्वानी से जुड़े शादाब आलम को राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख लोगों के साथ कार्य करने का अवसर मिला है।

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