‘शुद्धिकरण’ पर कांग्रेस का विरोध, मंगलौर कोतवाली में दी तहरीर
*विधायक क़ाज़ी निज़ामुद्दीन के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जताया आक्रोश*
मंगलौर (अकील अहमद) उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद रामलीला मैदान में कथित तौर पर किए गए ‘शुद्धिकरण’ को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस मामले को लेकर प्रदेशभर में विरोध जताते हुए विभिन्न थानों में तहरीर देकर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इसी क्रम में मंगलौर के कांग्रेस विधायक क़ाज़ी निज़ामुद्दीन भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मंगलौर कोतवाली पहुंचे और मामले को लेकर तहरीर दी। कांग्रेस नेताओं ने कथित घटना को सामाजिक सम्मान और समानता से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा समाप्त होने के बाद रैली स्थल को कथित रूप से ‘शुद्धिकरण’ के नाम पर धोया-पोछा गया और वहां पूजा-पाठ किया गया। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को दलित समाज के सम्मान से जोड़ते हुए इसे आपत्तिजनक बताया है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर किसी राजनीतिक कार्यक्रम के बाद इस तरह की कथित कार्रवाई सामाजिक भेदभाव और छुआछूत की मानसिकता को बढ़ावा देने वाली है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी नागरिकों और सभी वर्गों को समान सम्मान मिलना चाहिए।
मंगलौर विधायक क़ाज़ी निज़ामुद्दीन ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे देश के वरिष्ठ नेताओं में शामिल होने के साथ-साथ दलित समाज के प्रमुख नेताओं में से एक हैं। उनके कार्यक्रम के बाद रैली स्थल के कथित ‘शुद्धिकरण’ का मामला केवल एक व्यक्ति से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि पूरे दलित समाज के सम्मान से संबंधित है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति या संगठन द्वारा जानबूझकर इस प्रकार की कार्रवाई की गई है, तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस मामले को लेकर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध दर्ज कराया। कई स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ता संबंधित थानों में पहुंचे और तहरीर देकर कथित घटना की जांच तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि देश का संविधान सभी नागरिकों को समानता और सम्मान का अधिकार देता है। ऐसे में किसी व्यक्ति की जाति या सामाजिक पहचान के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव किया जाना स्वीकार्य नहीं हो सकता।
कांग्रेस नेताओं ने हल्द्वानी की कथित घटना के साथ ही नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर भी विरोध जताया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि दोनों मामलों को लेकर पार्टी लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रही है।
मंगलौर में विधायक क़ाज़ी निज़ामुद्दीन के नेतृत्व में कोतवाली पहुंचकर तहरीर दिए जाने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना की निंदा की और पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सामाजिक समानता, सम्मान और संविधान में निहित अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी।

