डीएम मयूर दीक्षित ने किया प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण, बच्चों से पूछे गणित के सवाल*

डीएम मयूर दीक्षित ने किया प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण, बच्चों से पूछे गणित के सवाल
*पुराने स्कूल भवन की जगह नए भवन के निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश*
हरिद्वार। जनपद में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी ने अपर रोड स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण कर शैक्षणिक व्यवस्था और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षाओं में पहुंचकर छात्र-छात्राओं से संवाद किया और पाठ्यक्रम से संबंधित सवाल पूछकर उनकी शैक्षणिक जानकारी को परखा।
जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों से गणित के प्रश्न भी पूछे। बच्चों ने सवालों के सही जवाब दिए और गणित के प्रश्नों को हल करके अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर जिलाधिकारी ने उनका उत्साहवर्धन किया तथा पढ़ाई के प्रति उनकी रुचि और लगन की सराहना की।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय की शिक्षिकाओं को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें सीखी गई बातों का दैनिक जीवन में उपयोग करना भी सिखाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियां भी बेहद जरूरी हैं। ऐसी गतिविधियों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, रचनात्मक सोच और सामाजिक सहयोग की भावना विकसित होती है।
जिलाधिकारी ने विद्यालय भवन की स्थिति का निरीक्षण करते हुए पुराने भवन के स्थान पर नए विद्यालय भवन के निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित चंद को इस संबंध में आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध कराने को कहा, ताकि विद्यालय के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए आगे की कार्रवाई की जा सके।
विद्यालय में बच्चों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने खेल मैदान की आवश्यकता पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को खेलकूद के लिए पर्याप्त स्थान मिलना चाहिए। इससे बच्चों की शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक विकास को भी बढ़ावा मिलता है। खेलकूद के माध्यम से विद्यार्थियों में टीम भावना, अनुशासन और आत्मविश्वास का विकास होता है, जो उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि जनपद में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं के विकास, भवनों की स्थिति में सुधार और शिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने विद्यालयों में शिक्षा के स्तर के साथ-साथ बच्चों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं पर भी ध्यान देने की आवश्यकता बताई। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को विद्यालय की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रस्ताव तैयार करने और सुविधाओं के विकास की दिशा में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित चंद, प्रधानाध्यापिका श्रीमती सपना रानी, जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह, विद्यालय की शिक्षिकाएं तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।





